5.9.11

तुम साथ साथ हो ना ?


तुम साथ साथ हो ना ?



कभी मिलना कभी खोना कभी साथ साथ चलना
ये है जिंदगी का मेला तुम साथ-साथ हो ना


कहीं भीड़ है घनेरी, कहीं राह है अँधेरी
कहीं रौशनी की खुशियाँ, कहीं मछलियाँ सुनहरी
कभी सीढ़ियों पे चढ़ना
कभी ढाल पर फिसलना
ये है जिंदगी का मेला तुम साथ-साथ हो ना



कभी चर्खियों के चक्कर कही शोर यातना सा
कुछ फिकरे और धक्के कुछ मुफ्त बाँटना सा
रंगीन बुलबुलों सा
कभी आसमाँ में उड़ना
ये है जिंदगी का मेला तुम साथ-साथ हो ना



कहीं मौत का कुआँ तो कहीं मसखरों के जादू
कभी ढेर भर गुब्बारे कहीं मोगरों की खुशबू
कभी जिंदगी को सिलना
कभी मौत को पिरोना
ये है जिंदगी का मेला तुम साथ-साथ हो ना




5 टिप्‍पणियां:

smshindi By Sonu ने कहा…

कभी चर्खियों के चक्कर कही शोर यातना सा
कुछ फिकरे और धक्के कुछ मुफ्त बाँटना सा
रंगीन बुलबुलों सा
कभी आसमाँ में उड़ना
ये है जिंदगी का मेला तुम साथ-साथ हो ना
सुन्दर

Rajani ने कहा…

रिक्त हो जाता हूँ मैं
रिक्त हो जाता है मेरा शरीर
रिक्त हो जाती है मेरी आत्मा

कैसी है वो डाकिनी, जो सोख लेती है मेरी ऊर्जा
कौन सी हैं जड़ें वो, जो चूस लेती हैं मेरी प्रेरणा
कैसी है वह जमीन, जो पचा लेती है मेरा रक्त
कौन सा है विवर वह, रिस जाती है जिससे मेरी जिद

Rajani ने कहा…

रिक्त हो जाता हूँ मैं
रिक्त हो जाता है मेरा शरीर
रिक्त हो जाती है मेरी आत्मा

कैसी है वो डाकिनी, जो सोख लेती है मेरी ऊर्जा
कौन सी हैं जड़ें वो, जो चूस लेती हैं मेरी प्रेरणा
कैसी है वह जमीन, जो पचा लेती है मेरा रक्त
कौन सा है विवर वह, रिस जाती है जिससे मेरी जिद

Vaneet Nagpal ने कहा…

दिनेश जी,
नमस्कार,
आपके ब्लॉग को "सिटी जलालाबाद डाट ब्लॉगसपाट डाट काम" के "हिंदी ब्लॉग लिस्ट पेज" पर लिंक किया जा रहा है|

Ankur jain ने कहा…

jee han ham bilkul sath hai...
achchi prastuti..vadhayi

क्या इन टोटको से भर्ष्टाचार खत्म हो सकता है ? आप देखिए कि अन्ना कैसे-कैसे बयान दे रहे हैं? शरद पवार भ्रष्ट हैं। भ्रष्टाचार पर बनी जीओएम (मंत्रिसमूह) में फला-फलां और फलां मंत्री हैं। इसलिए इस समिति का कोई भविष्य नहीं है। पवार को तो मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देना चाहिए। पवार का बचाव करने की कोई जरूरत नहीं है। अगर पवार के मंत्रिमंडल से बाहर हो जाने से भ्रष्टाचार