21.4.12

कन्या-भ्रूण

मत रोको माँ!
मुझे मिट जाने दो
ताकि
इस अग्निपरीक्षा से
गुजरना न पड़े मुझको,

मिट ही जाने दो
इस अबोली/ अदेखी को
ताकि
बार बार मिटने का दुःख
बाकी न रह जाए
तुम्हारी तरह!

मत रोको माँ!

अपनी कोख की तरफ बढ़ते
इन हत्यारे हाथों को,

अलबत्ता रोक लो
ये आंसू...
ये छटपटाहट
क्योकि-
इनमे तुम मुझे छिपा नहीं पाओगी
मैं
अपूर्ण ही सही पहचान ली गयी हूँ!!

3 टिप्‍पणियां:

अख़तर क़िदवाई ने कहा…

bahut hi saarthk post

M VERMA ने कहा…

मैं
अपूर्ण ही सही पहचान ली गयी हूँ!!'

अत्यंत मार्मिक ... मानवीय मूल्यों का पतन और कहाँ तक?

M VERMA ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

क्या इन टोटको से भर्ष्टाचार खत्म हो सकता है ? आप देखिए कि अन्ना कैसे-कैसे बयान दे रहे हैं? शरद पवार भ्रष्ट हैं। भ्रष्टाचार पर बनी जीओएम (मंत्रिसमूह) में फला-फलां और फलां मंत्री हैं। इसलिए इस समिति का कोई भविष्य नहीं है। पवार को तो मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देना चाहिए। पवार का बचाव करने की कोई जरूरत नहीं है। अगर पवार के मंत्रिमंडल से बाहर हो जाने से भ्रष्टाचार